गुरुवार, 2 जून 2011

ख़ूब परदा है कि चिलमन से लगे बैठे हैं



ख़ूब परदा है कि चिलमन से लगे बैठे हैं
साफ़ छुपते भी नहीं सामने आते भी नहीं

5 टिप्‍पणियां:

  1. वाह !
    शब्द, चित्र और संगीत की सिम्फ़नी सा ख़ूबसूरत ब्लॉग पारुल जी !!
    मन ख़ुश हो गया यहाँ आ कर :)

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  2. क्या कहूँ शब्दों के साथ चित्र ने गूंगा कर दिया है...

    नीरज

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