मंगलवार, 21 जून 2011

मौन





ये गंध भरी शाम कहीं तुम तो नही हो …

3 टिप्‍पणियां:

  1. अब यहाँ लगने वाली फोटू का इंतज़ार रहता है.

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  2. कि अखियाँ
    थक गईं पंथ निहार ......


    nice pics !

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