मंगलवार, 31 मई 2011

सुरमई शाम इस तरह आये




2 टिप्‍पणियां:

  1. कौन इस वक्त मन को समझाये
    ये परिंदा उड़ा-उड़ा जाये
    आँख में याद , लब पे खामोशी
    सुरमई शाम इस तरह आये

    बहुत
    बहुत खूबसूरत तसवीरें हैं ... !!
    अभिवादन स्वीकारें .

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  2. सुरमई शाम हमेशा इसी तरह आती है हमें ही फुर्सत नहीं होती इसे देखने की...

    नीरज

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